Shiv Kailasho Ke Wasi केवल एक भजन नहीं है, यह हर शिव भक्त के दिल की आवाज़ है। जब भी यह भजन सुनाई देता है, मन अपने-आप कैलाश पर्वत की ओर चला जाता है — जहाँ भोलेनाथ ध्यान में लीन रहते हैं, गले में नाग, माथे पर चंद्रमा और हाथ में त्रिशूल लिए।
इस भजन की सबसे बड़ी खूबी इसकी सरलता है। कोई भारी शब्द नहीं, कोई दिखावा नहीं — बस भोले बाबा से सीधी बात।